Additional information
| Author | स्वामी बुद्धानन्द सरस्वती |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | 9788185787565 |
| Language | Hindi |
| Publication | Yoga Publications Trust |
₹160.00
मूलबन्ध पुस्तक ऐसे समर्पित योग साधकों के लिए है जो महाकुण्डलिनी शक्ति का द्वार खोलने के लिए कुंजी ढूंढ रहे हैं। बन्ध के अभ्यास प्राचीन हैं, जिन्हें हठयोग एवं कुण्डलिनी योग का एक आवश्यक पहलू माना जाता है, लेकिन इनके सम्बन्ध में अभी तक अल्प ही लिखा गया है। मूलबन्ध एक सरल, किन्तु गत्यात्मक अभ्यास है, जिससे साधक को गहरे शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।
यह पुस्तक मूलबन्ध के सिद्धान्त एवं अभ्यास पर प्रकाश डालती है। इसमें मूलबन्ध के शारीरिक, प्राणिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभावों का अन्वेषण किया गया है, जिसमें मूलबन्ध एवं एक्यूपंक्चर का आपसी सम्बन्ध भी शामिल है। प्रायोगिक खण्ड में आरम्भिक और उच्च, दोनों अभ्यास सम्मिलित हैं, जो साधक को इस साधना की चरम सीमा तक ले जाने और अन्ततः आद्य शक्ति का जागरण करने में सहायक हैं।
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| Author | स्वामी बुद्धानन्द सरस्वती |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | 9788185787565 |
| Language | Hindi |
| Publication | Yoga Publications Trust |
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