Additional information
| Author | Sharad Tandale |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | 9788193446850 |
| Language | Hindi |
| Publication | New Era Publishing House |
₹340.00
गगनभेदी महत्वाकांक्षा, प्रबल इच्छाशक्ति, दृढ़ आत्मविश्वास, धैर्य, सामर्थ्य, न्याय-नीति आदि गुणों से संपन्न, समुच्चय का संचित साथ लेकर स्वअस्तित्व सिद्ध कर, बुद्धि के बल यलगार करते हुए स्वयं का साम्राज्य निर्माण करने वाला राक्षसों का राजा हूँ मैं। हजारों सालॊ से जलाते आए हो पर समाप्त नहीं हुआ। आज तक कथा, साहित्य, ग्रंथों-किताबों द्वारा मैंने बात नहीं की। इसी कारण मैं अपके पल्ले पडा ही नहीं। दुर्गुनी, दुराभिमानी कह कर चिढाया मुझे। शतरंज, रूद्रवीणा, रावणसंहिता, कुमारतंत्र, शिव तांडव स्तोत्र द्वारा ज्ञान कक्षाओं को नयी ऊँचाइयों तक पहुँचाया।दैत्य, दानव, असुर और कितनी ही घुमंत जातियों को जोड राक्षस संस्कृति की नींव रखी। दर्शन, व्यापार, राज्यशास्त्र, आयुर्वेद जैसे कई विषयों में पांडित्य अर्जित करने पर भी खलनायक कहकर मेरी उपेक्षा ही की गई। अवहेलनाओं के भंवर में फँसे मेरे जीवन का सार तुच्छ विशेषों की भरमार से रचा गया। हजारों सालों से मेरे दहन का उत्सव सहर्ष मनाया जाता है। विध्वंस कभी अच्छा नहीं होता, यह जानते हुए भी खून के रिश्तों की खातिर रक्त चंदन का टीका माथे पर लगाना पड़ता है, संघर्ष करना पड़ता है और समय आने पर सिद्धांतों के लिए मरना और मारना भी पड़ता है। मेरे जीवन में घटित घटनाएँ… अनपेक्षित उठे तुफान… इसके बाद भी विचारों के चिथड़ों को संजोते हुए अपने हिम्मत पर लंकाधिपति बना। अन्य राजाओं के समान मैंने अकेले ही ऐश्वर्य नहीं भोगा मेरी जनता भी सोने के घरों में रहती थी। हजारों सालों से अनुत्तरित मेरे व्यक्तिगत जीवन का, मेरी अंगभूत क्षमताओं को जानने का प्रयास किया है कभी? मेरा जीवन रोमहर्षक पसंगों और विस्मयकारी कर्तृत्व से भरा हुआ है। अपने दम पर मैंने सभी देवों को पराजित किया। मुझे जाने बगैर मेरी प्रतिमा का दहन करने वाले लोगों पर मुझे दया आती है। सीता के अपहरण का दोष मुझे देते हैं पर मैंने उसका चरित्र हनन नहीं किया. इसे क्यों भूला जाते हैं?
सोचिए, समझिए…. उपन्यास पढिए और तय कीजिए में खलनायक हूँ या स्व सामर्थ्य पर खड़ा महानायक ..
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| Author | Sharad Tandale |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | 9788193446850 |
| Language | Hindi |
| Publication | New Era Publishing House |
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